यौनिकता शिक्षाः यह यौनिकता और उसकी अभिव्यक्ति से संबंधित मामलों के बारे में है। आईपीपएफ के अनुसार व्यापक यौनिकता शिक्षा युवा लोगों को अपनी यौनिकता – शारीरिक और भावनात्मक रुप से व्यक्तिगत या रिश्तों में आनंद लेने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल, रवैये और मान्यताएं से लैस करता है। इस शिक्षा पाठ्यक्रम में यौनिकता के शारिरक, जैविक, भावनात्मक और सामजिक पहलू भी शामिल हैं।
आईपीपएफ इस शिक्षा पाठ्यक्रम को 7 अहम हिस्सों में बाटता हे जो निम्नलिखित हैः
- लिंग – लिंग को समझना, लेंगिक भुमिकाऍ, सामाजिक आदर्श, असमानताऍ और भेदभाव।
- यौन और प्रजनन स्वास्थय एवं एचआईवी – किशोरावस्था में होने वाले बदलाव, मासिक, यौन रौग, युवा अनुकूल स्वास्थय सेवाऍ, कोन्डम का इस्तमाल, एचआईवी से बचाव, इलाज, इत्यादि।
- यौन अधिकार और यौन नागरिकता – यौन प्रवृत्ति, यौनिकता संबंधित कानून, यौन साथी चुनने का अधिकार, यौन साथियों में सहमती, समलेंगिकता को कानूनी अपराधों में शामिल इत्यादि।
- आनंद – यौनिकता के बारे में सकरात्मक रवैये, सुरक्षित यौन क्रियाऍ, आपसी बातचीत और व्यवहार, भावनाऍ, यौन सुख और संतोष ।
- हिंसा – लिंग भेदभाव से जुडी हिंसा, सम्मान का मुल्य, बच्चों का यौन शोषण, यौन उत्पीडन इत्यादि।
- भिन्नता – भिन्नता को मान देना, समानता एवं अधिकार, भिन्नता के बारे में नकरात्मक रवैये और भेदभाव।
- रिशते – अलग प्रकार के रिशते, भावनाऍ, बातचीत और व्यवहार, हानिकारक रिशतों को पहचानना, विशवास और रिशतों में सच्चाइ, समाजिक दबाव, अधिकार और जिम्मेदारियाँ इत्यादि।
